गावो देवी पितरः स्वर्गः पितृषः स्वर्गपथः।

आचार्यः पूज्यते देवी श्रेष्ठः पितृषु नास्ति कः॥

गौ सेवा परिषद्

भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक समर्पित पहल

गौ सेवा परिषद् भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित एक प्रतिष्ठित संगठन है। हमारा उद्देश्य गौ माता की सेवा, संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है, जिससे आध्यात्मिक और धार्मिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण एवं कृषि क्षेत्र में भी सतत् विकास सुनिश्चित किया जा सके।

गावो भगो गाव इन्द्रो मे अच्छान्गावः सोमस्य प्रथमस्य भक्षः ।
इमा या गावः स जनास इन्द्र इच्छामीद्धृदा मनसा चिदिन्द्रम् ॥५॥
ऋग्वेदः – मण्डल ६ , सूक्तं ६.२८ , बार्हस्पत्यो भरद्वाजः
– अर्थात् –
” गायें हमारा मुख्य धन हो, इन्द्र हमें गोधन प्रदान करें तथा यज्ञों की प्रधान वस्तु सोमरस के साथ मिलकर गायों का दूध ही उनका नैवेध बने। जिसके पास ये गायें है,
वह तो एक प्रकार से इन्द्र ही है। मैं अपने श्रद्धायुक्त मन से गव्य पदार्थों के इन्द्र (भगवान) का भजन करना चाहता हूँ। “

हमारी सेवाएँ और गतिविधिया

1.⁠ ⁠गौ संरक्षण एवं संवर्धन

गौ सेवा परिषद् का मुख्य लक्ष्य गौ माता की सुरक्षा और उनके समुचित पालन-पोषण को सुनिश्चित करना है। हम निराश्रित एवं बेसहारा गौवंश के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों की स्थापना कर रहे हैं, जहाँ उनके लिए उत्तम आहार, चिकित्सा और देखभाल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।

2.⁠ ⁠गौ चिकित्सा एवं देखभाल

गौ माता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हम नियमित रूप से चिकित्सा शिविरों का आयोजन करते हैं। इन शिविरों में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा गौवंश की जांच, टीकाकरण और उपचार की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

3.⁠ ⁠जैविक कृषि और गौ आधारित उत्पादों को बढ़ावा

गौ आधारित उत्पादों जैसे जैविक खाद, पंचगव्य औषधियाँ और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित कर हम एक आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे किसानों को रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलती है, जिससे पर्यावरण अनुकूल खेती संभव हो पाती है।

4.⁠ ⁠जागरूकता अभियान और शिक्षा

हम विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिनमें गौ माता के धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व को प्रचारित किया जाता है। इसके अंतर्गत –
✅ गौ माता के संरक्षण पर सेमिनार और कार्यशालाएँ
✅ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गौ पालन के लाभों की जानकारी
✅ युवाओं और किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित करना

5.⁠ ⁠नीति-निर्माण और जनभागीदारी

हम समाज और सरकार के समक्ष गौ रक्षा से संबंधित नीतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं। साथ ही, सामाजिक संगठनों और आम जनता को इस पवित्र उद्देश्य से जोड़ने का निरंतर प्रयास करते हैं।

हमारी दृष्टि और मिशन

हम एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जहाँ गौ माता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे हमारी सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रहे और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखा जा सके। हमारा मिशन केवल गौ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना भी है।

“गौ माता की सेवा, राष्ट्र की सेवा”

आइए, इस पवित्र अभियान में सहभागी बनें और एक समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं सतत् विकासशील समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

गौ सेवा के लिए दान करें!

“गौमाता साक्षात् जाग्रत भगवान हैं, जिनमें समस्त देवी-देवताओं का निवास है। ऐसा माना जाता है कि केवल गौ सेवा से ही मनुष्य अपनी सभी शुभ इच्छाओं की पूर्ति कर सकता है।”

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